सैम हिग्गिनबाॅटम कृषि, प्रौद्योगिकी एवं विज्ञान विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने दी किसानों को सलाह

सैम हिग्गिनबाॅटम कृषि, प्रौद्योगिकी एवं विज्ञान विश्वविद्यालय में चल रहे ग्रामीण कृषि मौसम सेवान्तर्गत भारत सरकार से शुक्रवार को प्राप्त पूर्वानुमान के अनुसार वैज्ञानिकों ने कृषकों को सलाह दी है कि गन्ने की पेड़ी से अच्छी उपज प्राप्त करने के लिए यह आवश्यक है कि खेत से खरपतवार निकाल दें और सिंचाई करें तथा मिट्टी में ओट आने पर 90 किग्रा नाइट्रोजन(195 किग्रा यूरिया) की पहली टाप ड्रेसिंग करें और कल्टीवेटर से गुड़ाई करके उर्वरक को मिट्टी में मिला दें ।

गन्ने की दो कतारो के बीच उर्द या मंूग की दो कतारें अथवा भिण्डी या लोबिया की एक कतार की बोआई की जा सकती है। आलू और टमाटर की फसल को झुलसा रोग से बचाने के लिए मैंकोजेब 0.2 प्रतिशत (2ग्राम एक लीटर पानी में घोलकर) का छिड़काव करें । फ्रेन्चबीन (राजमा) में फलियाँ बनते समय दूसरी ंिसचाई कर दें। फिर आवश्यकतानुसार भूमि में नमी की मात्रा कम होने पर (50 प्रतिशत से) हल्की सिंचाई करें। सिंचाई की सुविधा होने पर आम, अमरुद, आवंला, कटहल तथा पपीता का रोपण करंे। ग्लैडियोलस की मुरझाई टहनियों को निकाल दें तथा स्पाइक का विपणन करें। पशुओं को खुरपका-मुँहपका का टीका अवश्य लगवायें(यदि अभी तक न लगवाया हो)। बरसीम भूसे के साथ मिलाकर दें।

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