परिचय

वर्ष 2007 में सम्पूर्ण माया डाट इन श्री संदीप मित्र के साहस से साहित्य जगत में पर्दापण हुआ इसका पाठको ने सवागत किया। पाठको के आग्रह पर श्री संदीप मिश्रा ने 2008 संपूर्ण माया को पत्रिका कलेवर दिया। इस तरह सम्पूर्ण माया 13 वर्ष से डाट इन मे व 12 वर्ष से मासिक पत्रिका के रूप में पाठको के मध्य नियमित रूप से लोकप्रियता में वृद्धि कर रही है। पत्रिका मे देश-विदेश से ले कर प्रान्तीय ग्रामीण असतर तक के समाचार एवं समस्या से जनमानस को अवगत कर रही है। इसमे विभिन्न शैक्षणिक एवं वैज्ञानिक शोध के समाचार मुख्य रूप से प्रकाशित होते है। पत्रिका का वितरण भारत वर्ष के सभी हिन्दी भाषी श्रेत्रो में होता है। वहा इसे पाठको का सनेह भी प्राप्त है। वर्तमान मे, विश्व व देश मे भारतीय राजनीति व चारित्रिक उत्थान में ठहराव सा आ गया है। आज पत्रिका जगत मे अखबार वह पत्रिका अपने अपने ढोल बजा रहे है। सभी को देखा जाये तो यह अलगाव वादी व्यवस्था का सूत्रपात है। ऐसी विशम स्थिति में श्री संदीप मित्र ने असीम साहस के साथ यह विचार किया की सम्पूर्ण माया के माध्यम से इन विघटन कारी शक्तियो के विरोध मे साहितकारो के उत्तरदायित्व का आभास कराया जायेगा। यह कार्य तभी सम्भव जब पत्रिका को आप सभी पाठको का सहयोग प्राप्त हो। यदि देश और समाज के हित मे पत्रिका आप के सहयोग से सफल होता है तो यह पुनीत कार्य होगा।
आभार धन्यवाद