किस-किस को समझाएं प्रशासन छात्रों को उनके गृह जनपद ले जाने वाले ड्राइवर सिर से सिर मिलाकर खेलते रहे ताश।

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 1 मई, प्रयागराज सिविल लाइंस पत्थर गिरजाघर चौराहे से प्रयागराज में फंसे छात्र छात्राओं को उनके गृह जनपद ले जाने के लिए बसों का संचालन किया गया इसके लिए प्रशासन की ओर से पुख्ता इंतजाम किए गए और पर्याप्त बसों का प्रबंध प्रशासन के द्वारा किया गया ।

माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आदेश के बाद प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से प्रयागराज में फंसे छात्र छात्राओं को उनके गृह जनपद भेजने का कार्य शुरू कर दिया गया था, इन छात्रों को प्रशासन ने रोडवेज बसों के द्वारा उनके गृह जनपद तक भेजा । इसी क्रम मे सिविल लाइंस स्थित पत्थर गिरजाघर से भी रोडवेज बसों का संचालन हुआ । जहाँ पर रोडवेज की काफी बसे खड़ी थी और क्रम अनुसार सभी बसों को एक के बाद एक करके उनके गंतव्य के लिए रवाना किया जा रहा था, चूँकि छात्रो की लिखित जानकारी रखकर और एक निर्धारित गिनती मे ही छात्रो को बसों में  बैठा कर रवाना किया जा रहा था तो इसमें थोड़ा समय तो लगना लाजमि था इसलिए रोडवेज बसो के ड्राइवरो ने जब तक ताश के पत्ते खेलकर मनोरंजन करना उचित समझा और कई ड्राइवर पत्थर गिरजाघर के सामने मैदान् में बैठकर आराम से ताश खेलने लगे और ताश खेलने मे इतना खो गए की उनको यह तक ध्यान नहीं रहा की कोराना महामारी के चलते देश मे लाॅक डाउन चल रहा हैं और इस समय सोशल डिस्टेंसिंग अपनाना अनिवार्य है मगर कहते हैं ना जब मजा आने लगे तो सजा का ख्याल भी दिमाग मे दूर दूर तक नहीं आता हैं ,ऐसे ही इन रोजवेज बसों के ड्राइवर भाइयों के दिमाग से कोरोना का खोफ गायब हो गया और इन्होंने सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ाते हुए जमकर ताश खेले मगर इनको इतना भी ख्याल नहीं आया कि यह सभी सरकारी कर्मचारी है और अगर सरकार के ही लोग इस तरह से शोषण डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ा देंगे तो बाकी लोग क्या करेंगे ? जहां शासन-प्रशासन लोक डाउन के चलते सोशल डिस्टेंसिंग के लिए सभी को जागरूक कर रहा है और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करवाने के लिए हर भरसक प्रयास कर रहा है वहीं कुछ लोग इन रोजवेज ड्राइवरो की तरह समझदार होते हुए भी शासन और प्रशासन की किरकिरी कराने में लगे हुए हैं, न जाने इन लोगों को कब और कैसे समझ आएगी आखिर शासन भी किस-किस को या फिर यूं कहें कि एक-एक  को किस तरह समझाएगा कि कोरोना महामारी के चलते लाॅक डाउन के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग कोरोना वायरस से बचाव का एक मात्र साधन है।

अरविंद कुमार


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