जिला प्रशासन द्वारा दुर्गा मां की प्रतिमाओं का विसर्जन अंद्धवा – झूंसी में करवाने का विरोध।

जयति भट्टाचार्य

प्रयागराज। जिला प्रशासन द्वारा दुर्गा मां की प्रतिमाओं का विसर्जन अंद्धवा – झूंसी के गंदे तल में कराए जाने का निर्णय पर प्रतिक्रिया देते हुए श्री पी.के.राय और श्री योगेन्द्र पांडे प्रशासन के इस निर्णय को माननीय उच्च न्यायालय के आदेश का अवेहलना है।

विदित हो कि सन् 2014 में एक जनहित याचिका ( पी. आई. एल संख्या 4003/ 2006 ) री गंगा बनाम स्टेट ऑफ यूपी एवम् पी. आई. एल संख्या 54733/ 15 प्रणव कुमार राय बनाम स्टेट यूपी , आदेश दिनांक 05.10.2015 के अनुक्रम में गंगा में किनारे काली सड़क पर 130.40 मीटर X 7 फूट गहराई में पूर्ण सुरक्षा के साथ 6 नावं , पार्किंग रोड, पंडाल, बिजली एवम् पर्याप्त स्वच्छ जल में कराए जाए ।

लेकिन पिछले वर्ष जिला प्रशसन ने बाढ़ का हवाला देते हुए आंध्वा के गंदे तलाब में मूर्ति विसर्जन करवाया था । अधिवक्ता विजय चन्द्र श्रीवास्तव ने उच्च न्यायालय के आदेश के अनुक्रम दुर्गा प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए एक पत्र ई-मेल के द्वारा उच्च न्यायालय के आदेश को संलग्न करते हुए प्रदेश के मुख्य सचिव और जिलाधिकारी, प्रयागराज को इस अनुरोध के साथ भेजा की मूर्ति विसर्जन निश्चित जगह हो।

एक अवमानना याचिका भी प्रदेश के मुख्य सचिव, जिलाधिकारी, प्रयागराज, एडीएम सिटी, प्रयागराज को पक्षकार बनाते हुए याची श्री पी.के.राय एवम् श्री योगेन्द्र कुमार पांडे की ओर से अधिवक्ता श्री विजय चन्द्र श्रीवास्तव एवम सुनीता शर्मा द्वारा मा. उच्च न्यायालय में दाखिल किया जा चुका है।

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