सराय इनायत पुलिस के हाथों पिटे पत्रकारों को दिलाउंगी न्याय

Share:

सौरभ सिंह सोमवंशी

प्रयागराज के सराय इनायत थाने में पुलिस कर्मियों के द्वारा पत्रकारों और एक पत्रकार की 8 माह की गर्भवती पत्नी को पीटे जाने का मामला समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव तक पहुंचाउंगी, और यदि शीघ्र अति शीघ्र पत्रकारों के द्वारा पुलिस कर्मियों के खिलाफ दी गई तहरीर पर मुकदमा पंजीकृत कर कार्यवाही नहीं की गई तो मैं अपने समाजवादी पार्टी के साथियों के साथ सड़क पर उतर कर पत्रकारों को न्याय दिलाने का कार्य करूंगी। उक्त बात इलाहाबाद विश्वविद्यालय की पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष प्रयागराज के शहर पश्चिमी से कैबिनेट मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह के खिलाफ प्रत्याशी रह चुकी और समाजवादी पार्टी की प्रवक्ता रिचा सिंह ने प्रयागराज स्थित सिविल लाइंस के सरदार पटेल मार्ग पर मीडिया हब कार्यालय में पत्रकार वार्ता के दौरान कही। उन्होंने कहा कि पत्रकारों का थाने में पीटा जाना निंदनीय और शर्मनाक है उन्होंने कहा कि जब सरकार जनतंत्र से तानाशाही की ओर बढ़ने लगती है तो सर्वप्रथम लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पत्रकारिता पर प्रहार किया जाता है। और यह सरकार उसी तरह का कृत्य कर रही है। जिसमें 8 माह की गर्भवती महिला को थाने में बुलाकर पीटा जाता है इससे भी निंदनीय यह है कि 23 दिन बीत जाने के बावजूद भी आज तक हर फोरम पर यह बात उठाने के बावजूद दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ अभी तक ना तो मुकदमा पंजीकृत हुआ ना तो कोई कार्यवाही हो सकी है उन्होंने कहा कि यह एक बड़ा प्रश्न है कि पुलिसकर्मियों के ऊपर कोई कार्यवाही क्यों नहीं हो रही है, यह सोचनीय विषय है आम आदमी महिलाएं और पत्रकार इस सरकार में पीड़ित हैं और उनको परेशान किया जा रहा है पत्रकारों के साथ इस तरह की घटनाएं पूरे उत्तर प्रदेश में हो रही हैं पत्रकारों के द्वारा यह बताए जाने पर कि इस प्रकरण के लिए अपना दल के प्रदेश अध्यक्ष और सोरांव के विधायक जमुना प्रसाद सरोज ने प्रयागराज के कमिश्नर को मजिस्ट्रेटी जांच हेतु पत्र लिखा था परंतु पत्र पर कोई कार्यवाही नहीं हुई। इस पर रिचा सिंह ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के विधायक और कार्यकर्ता अपनी ही सरकार में अपनी ही एफआईआर नहीं दर्ज करा पा रहे हैं और आये दिन धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंनेे कहा कि जो सरकार बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ की बात करती है उसी सरकार में एक महिला जो 8 माह की गर्भवती है, उसको बुला कर थाने में पीटा जा रहा है। पत्रकारों की सुरक्षा के लिए जारी किए गए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सर्कुलर पर रिचा सिंह ने कहा कि उसका पालन क्यों नहीं हो रहा है इसका जवाब मुख्यमंत्री जी स्वयं दे सकते हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार को समझना चाहिए कि जो जनता कुर्सी देना जानती है, वही जनता कुर्सी से हटाना भी जानती है उन्होंने कहा कि सरकार देश की संवैधानिक संस्थाओं संविधान और कानून का हनन कर रही है इसे
समाजवादी पार्टी कतई बर्दाश्त नहीं करेगी। विदित हो कि 17 जुलाई
घटना के दिन जब मामला प्रयागराज के सिविल लाइंस के सरदार पटेल मार्ग स्थित मीडिया हब का संचालन करने वाले शार्प रिपोर्टर व मनमीत पत्रिका के संस्थापक वरिष्ठ पत्रकार वीरेंद्र सिंह के पास पहुंचा तो उन्होंने दूसरे दिन प्रयागराज के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अभिषेक दीक्षित व पुलिस महानिरीक्षक डा०केपी सिंह से लगभग 60 पत्रकारों के साथ मुलाकात कर मामले में कार्यवाही की मांग की. तत्पश्चात सीओ फूलपुर को जांच दी गई. परंतु मामले में सीओ फूलपुर उमेश शर्मा के द्वारा लीपापोती की जाती रही ,
प्रकरण प्रयागराज मंडल के सभी उच्च अधिकारियों के साथ-साथ लखनऊ शासन तक पहुंच चुका है. इस प्रकरण मे सोरांव विधायक मंडलायुक्त को मजिस्ट्रेटी जांच के लिए व हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने भी उत्तर प्रदेश के डीजीपी को पत्र लिखा है। परंतु कोई कार्यवाही नहीं हो रही है।


Share:

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *