रियाद एयरपोर्ट पर हूती विद्रोहियों का हमला, 12 की मौत, 300 से अधिक घायल; भारतीय नागरिक ने भी गंवाई जान
रियाद, 12 अक्टूबर 2026। सऊदी अरब की राजधानी रियाद स्थित किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हुए मिसाइल हमले ने मध्य पूर्व की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंताएँ पैदा कर दी हैं।
मुख्य बातें
- मृतक: कम से कम 12 लोगों की मौत; एक भारतीय नागरिक भी शामिल।
- घायल: 300 से अधिक लोग घायल; भारतीय नागरिक भी प्रभावित।
- जिम्मेदारी: हूती विद्रोहियों ने हमले की जिम्मेदारी ली।
- हवाई सेवाएँ: सुरक्षा कारणों से हवाई अड्डे का परिचालन प्रभावित हुआ।
- अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया: भारत ने हमले की निंदा की और अमेरिका ने संभावित जवाबी कार्रवाई के संकेत दिए।

रियाद, 12 अक्टूबर 2026। सऊदी अरब की राजधानी रियाद स्थित किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हुए मिसाइल हमले ने मध्य पूर्व की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंताएँ पैदा कर दी हैं। सऊदी अधिकारियों के अनुसार, 10 अक्टूबर को हुए हमले में कम से कम 12 लोगों की मौत हुई और 300 से अधिक लोग घायल हुए। मृतकों में एक भारतीय नागरिक भी शामिल है। हमले की जिम्मेदारी यमन के हूती विद्रोहियों ने ली है, जिन्हें ईरान का समर्थन प्राप्त है। इस घटना के बाद सऊदी अरब और हूती विद्रोहियों के बीच संघर्ष और तेज होने की आशंका है।
भारतीय नागरिक की मौत, कई घायल
भारतीय दूतावास ने हमले में भारतीय नागरिकों के प्रभावित होने की पुष्टि की। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, एक भारतीय नागरिक की मृत्यु हुई, जबकि 11 अन्य भारतीय घायल हुए। दूतावास स्थानीय अधिकारियों और अस्पतालों के संपर्क में है तथा प्रभावित भारतीयों की सहायता कर रहा है। भारत ने नागरिकों और नागरिक प्रतिष्ठानों पर हमलों की कड़ी निंदा की है।
हवाई अड्डे पर परिचालन प्रभावित
हमले के बाद किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उड़ान संचालन रोक दिया गया। अधिकारियों ने नुकसान का आकलन किया और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी। हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के अन्य हवाई अड्डों को भी निशाना बनाने की चेतावनी दी है।
अमेरिका की संभावित कार्रवाई
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हमले की निंदा करते हुए हूती विद्रोहियों के विरुद्ध कार्रवाई में सऊदी अरब का साथ देने की संभावना जताई है। यदि सैन्य कार्रवाई होती है, तो संघर्ष का दायरा बढ़ सकता है।
क्षेत्रीय सुरक्षा पर असर
इस हमले से विमानन सेवाओं, अंतरराष्ट्रीय यात्रियों और मध्य पूर्व की स्थिरता पर दबाव बढ़ा है। अब सबकी निगाहें सऊदी अरब की संभावित प्रतिक्रिया और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव कम करने के प्रयासों पर हैं।