हमारे बारे में
संपूर्ण माया समाचार पत्रिका का आरंभ फरवरी 2008 में हुआ था। तब से आज तक कई बदलाव किए गए हैं, ताकि ज़्यादा से ज़्यादा पाठक हमसे जुड़ सकें।
आज के आधुनिक युग में, जहाँ कृत्रिम बुद्धिमत्ता और सोशल मीडिया का प्रभाव चारों तरफ़ फैलता जा रहा है, ऐसे में संपूर्ण माया सही और उचित खबरों को स्थान देता है।
पत्रकारिता के नियमों का पालन करते हुए सारे लेख लिखे जाते हैं। यहाँ सही खबरों के आधार पर ही लेख लिखे जाते हैं।
संपूर्ण माया के लेखक देश-विदेश में फैले हुए हैं, जहाँ से सीधी जानकारी भेजी जाती है। संपूर्ण माया के लेखों पर आधारित तथ्यों को संसद में सांसदों ने भी प्रस्तुत किया है।
प्रेरणास्रोत
- स्वर्गीय क्षितींद्र मोहन मित्र
- स्वर्गीय आलोक मित्र
- स्वर्गीय दीपक मित्र
RNI पंजीकरण संख्या: DELHIN/2008/23723