योगी सरकार के जल्द फैसले से शुरू हुई फसलों की कटाई

5 अप्रैल, लखनऊ। इस साल फरवरी-मार्च का मौसम बेहद अप्रत्याशित रहा। कई जगहों पर भारी बारिश और ओले पड़ने से रबी की फसलों को काफी क्षति पहुंची। बची-खुची फसल जब तैयार होने को थी, उसी समय कोरोना वायरस के नाते देश में लॉक डाउन हो गया। ऐसे में किसान परेशान थे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की किसानों के प्रति सहानुभूति रहती है, ये साबित बात है। इसको देखते हुए उन्होंने तेजी से फैसले लिए। जो रबी की फसलों की कटाई और विक्रय, जायद की फसलों की बुआई, किसानों को जरूरी कृषि निवेश उपलब्ध कराने के बारे में थे। इन सबका परिणाम रहा कि फसलों की कटाई शुरू हो गई है।

किसानों को कोई समस्या न हो इसको देखते हुए योगी सरकार ने रबी की फसलों की कटाई में इस्तेमाल होने वाले कम्बाईन हारवेस्टर, दूसरे उपकरणों के इस्तेमाल, खाद-बीज की दुकानों के खोलने और मजदूरों को लॉकडाउन से छूट दी थी। इस फैसले के अब सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। प्रदेश के किसान सोशल डिस्टेनसिंग का ध्यान रखते हुए अपने फसलों की कटाई कर रहे हैं।

एमएसपी पर शुरू हुई खरीद

इसके साथ ही योगी सरकार ने किसानों के राहत के लिए कई कदम उठाए हैं। सरकार ने घोषणा की है कि न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीद तय समय पर शुरू होगी। इस क्रम में सरसों, चना और मसूर की खरीद दो अप्रैल से शुरू हो चुकी है। इससे बुंदेलखंड और आगरा मंडल के किसानों को बड़ी राहत मिलेगी। मालूम हो कि सरकार एमएसपी पर क्रमश: 2.64 लाख मीट्रिक टन सरसों, 2.01 लाख मीट्रिक टन चना और 1.21 लाख मीट्रिक टन मसूर किसानों से खरीदेगी। ये खरीद 90 दिन तक होगी।

बीमा कंपनियों के पास आ चुके हैं 90 हजार आवेदन

मालूम हो कि रबी के मौजूदा सीजन में फरवरी-मार्च का मौसम बेहद अप्रत्याशित रहा। भारी बारिश और ओला पड़ने से कई जगह किसानों की फसलों को क्षति पहुंची है। सरकार की मंशा है कि जिन किसानों की फसलों को क्षति पहुंची है उनको तय समय में अनिवार्य रूप से बीमित रकम मिले। इसके लिए सरकार ने बीमा कंपनियों को निर्देश दिया है कि वे सर्वे कराकर तय समय में किसानों को उनकी क्षति की भरपाई करें। सभी जिलों के डीएम को यह निर्देश दिया गया है कि वह सर्वे के इस कार्य के लिए बीमा कंपनी के साथ कृषि और राजस्व विभाग के कर्मचारियों को पास जारी कर दें। अब तक करीब 90 हजार से अधिक किसानों के आवेदन बीमा कंपनियों के पास आ चुके हैं।

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