हाथरस कांड – दोषी कौन ?

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जयाति भट्टाचार्य।
आप सभी जानते हैं कि 2 जुलाई 2024 को हाथरस में भोले बाबा के सत्संग के दौरान भगदड़ मचने से 123 लोगों की मृत्यु हो गई और लगभग 150 लोग अस्पताल में भर्ती हुए। पुलिस ने मुख्य सेवादार को मुख्य आरोपी बनाया है और अब तक 11 लोगों की गिरफ्तारी हुई है। इस सत्संग में करीब ढ़ाई लाख लोग आए थे जबकि मुख्य सेवादार देव प्रकाश मधुकर ने जिलाधिकारी को दिए एप्लीकेशन में अस्सी हजार लोगों के आने की संभावना जताई थी।

कम लोग ही भोले बाबा की पिछली जिंदगी के बारे में जानते हैं। उनका असली नाम सूरज पाल है। यह भी कम ही लोगों को मालूम है। हम आपको बताते हैं कि सूरज पाल, पुलिस में नौकरी करता था। हाथरस के सिकंदरा राव से 47 किमी दूर बहादुर नगर सूरज पाल का पैतृक गांव है। उसने 2000 में पुलिस से सैवच्छिक सेवानिवृत्ति ले ली। उस समय वह हेड कांस्टेबल था। पुलिस में रहते हुए ही वह अपने भीतर अलौकिक शक्तियां होने का दावा करता था। पुलिस फोर्स छोड़ने के बाद उसने एक 16 साल की मृत लड़की को जिंदा कर देने की बात की और जबरदस्ती लड़की का मृत शरीर लेकर उसके परिवार से दूर चला गया। तब पहली बार उसे जेल हुई। जेल से बाहर आने पर वह प्रचार करने लगा और सूरज पाल से भोले बाबा बन गया।

तो अब हम हाथरस के सत्संग में हुए भगदड़ पर लौटते हैं। भोले बाबा अरे काहे का भोले बाबा, उसे भोले बाबा कहने से भगवान शिव का अपमान होगा। सूरज पाल के वकील ए‐पी‐सिंह ने हादसे के पांच दिन बाद दावे के साथ कहा है कि सत्संग में पन्द्रह सोलह लड़के आए थे और उनके हाथ में स्प्रे की बाॅटल थी जिसे उन लोगों ने छुपा के रखा था। उसमें जहरीला स्प्रे था और वह लड़के उसी जहरीले स्प्रे को छिड़क कर भाग कर गाड़ी से निकल गए। वहां जिसने भी सांस ली वह मर गया। एक चश्मदीद का कहना है कि सूरजपाल ने जाने से पहले कहा था  कि सब ठीक हो जाएगा मेरे चरणों की धूली घर लेकर जाओ और भक्तों की भीड़ चरणों की धूली लेने के लिए दौड़ पड़ी थी जिससे भगदड़ मच गया।

यह सत्संग 2 जुलाई को हाथरस जिले के एक गांव मे आयोजित हुआ था। इसका आयोजन जिस संस्था ने किया था उसके संस्थापक सूरज पाल है लेकिन एफ आई आर में सूरज पाल का नाम कहीं नहीं है। ऐसा क्यों ? कौन सूरज पाल को बचाने की कोशिश कर रहा है ? अब तक 11 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है लेकिन जिस   संस्था  ने सत्संग करवाया उसका संस्थापक कहां है, उसकी गिरफ्तारी इतने दिन बाद भी क्यों नहीं हुई इससे एक ही बात सामने आती है कि उसे बचाने वाला कोई बड़ी शख्सीयत है। मीडिया के अनुसार सूरज पाल की संपत्ति 100 करोड़ की बताई जा रही है।  अब तक मिली जानकारी के अनुसार उसके पास देश भर में करीब 24 आश्रम हैं, 25 गाड़ियों का काफिला है, 5000 जवानों की प्राईवेट आर्मी है, 100 ब्लैक कैट कमांडो हैं। ऐसे शख्स के पीछे किसका हाथ है और हादसे के पांच दिन बाद भी सूरज पाल किसकी सहायता से छिपता फिर रहा है ? 


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