भारत का अगला राष्ट्रपति मगध क्षेत्र के केन्द्र से होना चाहिये : के एन त्रिपाठी

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डाॅ अजय ओझा।

डाल्टेनगंज, 12 जून । चुनाव आयोग ने राष्ट्रपति चुनाव 2022 की घोषणा कर दी है। चुनाव आयोग की घोषणा के अनुसार राष्ट्रपति चुनाव 18 जुलाई तथा मतगणना 21 जुलाई को होगी और उसी दिन फैसला हो जायेगा कि भारत का अगला राष्ट्रपति कौन होगा।

राष्ट्रपति चुनाव घोषणा के मद्देनजर मगध फाउंडेशन की कार्यकारिणी समिति की आपात बैठक हुई। बैठक को सम्बोधित करते हुए झारखंड सरकार के पूर्व मंत्री एवं इंटक के राष्ट्रीय अध्यक्ष सह मगध फाउण्डेशन के संस्थापक अध्यक्ष के एन त्रिपाठी ने कहा कि भारत का अगला राष्ट्रपति मगध क्षेत्र के केन्द्र से होना चाहिये। उन्होंने कहा कि इतिहास गवाह है कि जब जब देश का नेतृत्व मगध क्षेत्र के व्यक्ति के अधीन रहा है, देश का रुतबा वैश्विक स्तर पर बुलंद हुआ है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में देश का प्रधानमंत्री पद सौराष्ट्र क्षेत्र के अधीन है। अतः समय और परिस्थिति की मांग है कि अगला राष्ट्रपति मगध क्षेत्र के केन्द्र से ही हों ताकि देश का समुचित समन्वयात्मक विकास हो सके।

श्री त्रिपाठी ने कहा कि मगध फाउण्डेशन सभी राजनीतिक दलों से अपील करता है कि वे दलगत भावना से उपर उठकर देश का अगला राष्ट्रपति मगध क्षेत्र के केन्द्र से ही बनायें। उन्होंने कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो वे इसके लिए विशेष जनसंपर्क अभियान भी छेड़ेंगे।

कार्यकारिणी बैठक में उपस्थित सभी सदस्यों ने सर्वसम्मति से उनकी इस घोषणा का समर्थन एवं स्वागत किया। बैठक में मुख्य रूप से सी एस दुबे, के डी सिंह, राजेश रंजन, रिफातुल्लाह खान, डॉ अजय ओझा, डॉ साकेत शुक्ला, पाण्डेय प्रदीप शर्मा, बबन पासवान, सुशील चौबे आदि उपस्थित थे।


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