शुआट्स में मनाया गया विश्वविद्यालय दिवस

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प्रयागराज। सैम हिग्गिनबाॅटम कृषि, प्रौद्योगिकी एवं विज्ञान विश्वविद्यालय (शुआट्स) में बृहस्पतिवार 4 मार्च को विश्वविद्यालय दिवस मनाया गया। इस अवसर पर शुआट्स के फाउंडर कुलपति एवं यीशु दरबार चर्च के बिशप मोस्ट रेव्ह. प्रो0 राजेन्द्र बी. लाल द्वारा संस्थान की उन्नति व प्रगति के लिये दिये गये योगदान को भी याद किया गया। कोविड -19 महामारी के कारण छात्र और कर्मचारी वर्चुअल प्लेटफॉर्म के माध्यम से विश्वविद्यालय दिवस कार्यक्रम में शामिल हुए हैं, जबकि निदेशकगण और डीन ने सोशल डिस्टेन्सिंग व सुरक्षा के साथ कार्यक्रम में प्रतिभाग किया।

शुआट्स कुलाधिपति डा0 जे.ए. ओलीवर ने कहा कि 110 वर्षों से देश सेवा को समर्पित इस संस्थान ने राष्ट्रीय व अन्तर्राष्ट्रीय ख्याति अर्जित की है। उन्होंने कहा कि फाउंडर कुलपति मोस्ट रेव्ह. प्रो0 राजेन्द्र बी. लाल के अथक परिश्रम से संस्थान को इलाहाबाद एग्रीकल्चर इंस्टीट्यूट से विश्वविद्यालय का दर्जा प्राप्त हुआ। उन्होंने कुलपति को उनके जन्मदिन की बधाई भी दी। कुलाधिपति ने बिशप डा0 आर.बी. लाल को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया।
नाईजीरिया से आए चियागोजियम ओटूचेयर ने धन्यवादी प्रार्थना की। उन्होंने कहा कि परमेश्वर ने संस्थान में डा. आर.बी. लाल को फाउंडर कुलपति के रूप में मजबूत खंभा बनाकर आशीषित किया है।
शुआट्स के फाउंडर कुलपति मोस्ट रेव्ह. प्रो0 राजेन्द्र बी. लाल ने परमेश्वर के आशीष के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि संस्थन की तरक्की में सभी सहकर्मियों का भी योगदान रहा है जिसके लिए उन्होंने आभार प्रगट किया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों के प्रयास से विश्वविद्यालय द्वारा गेहूँ कई प्रजातियां दे चुके हैं जो किसानों के लिए वरदान साबित हो रही हैं। डा0 लाल ने कहा कि अब ट्रेडिशनल ब्रीडिंग सिस्टम से हटकर मोलीकुलर ब्रीडिंग किये जाने की योजना है जिसकी फ्यूचर में अत्यन्त आवश्यकता पढ़ेगी क्योंकि शुआट्स का वीजन ‘भूखें को भोजन’ देना है और लाखों करोड़ों लोगों को भोजन की आवयकता पढ़ेगी। उन्होंने कहा कि तकनीक के सही इस्तेमाल से प्लानिंग करके पर्याप्त मात्रा में अन्न उत्पादन करके भारत अपने पड़ोसी देशों का भी पेट भर सकता है।  डा. लाल ने कहा कि अपना विश्वास सदैव परमेश्वर पर बनाये रखें परमेश्वर तुम्हें निश्चित आशीषित करेगा। उन्होंने बाईबल वचन साझा करते हुए कहा कि प्रभु यीशु मसीह ने परमेश्वर से प्रताड़ना देने वालों के लिए क्षमा की मांग की। हमें भी गलती करने वालों को क्षमा करना चाहिये, क्रोध आने पर भी मुख से आशीष दो, मनुष्यों को उद्धार और शान्ति का समाचार सुनाओ। उन्होंने बाईबल को मनुष्यों और परमेश्वर के पवित्र सम्बन्ध की किताब बताया। सभी मनुष्यों को इसे पढ़ना चाहिये तभी वे प्रभु यीशु मसीह को जान सकेंगे।
निदेशक कैम्पस मिनिस्ट्री एवं यीशु दरबार चर्च की उपाध्यक्षा डा. सुधा लाल ने आज के दिन के लिए परमेश्वर का धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि परमेश्वर ने अपनी योजना के अनुसार डा. आर.बी. लाल को चुना है जिसके कारण डा. लाल ने अमेरिका से प्रतिष्ठित नौकरी छोड़कर इलाहाबाद एग्रीकल्चर इन्स्टीट्यूट को चुना और परमेश्वर के आशीष से यह संस्थान निरन्तर प्रगति के पथ पर अग्रसर है।
प्रति कुलपति (शैक्षिक एवं क्यू.ए.) प्रो0 ए0के0ए0 लाॅरेन्स ने कहा कि संस्थान के संस्थापक के वीजन ‘गास्पल एण्ड प्लाऊ’ पर कार्य करते हुए फांउडर कुलपति प्रो. आर.बी. लाल ने एक प्रशासक, वैज्ञानिक, दूरदर्शाी और परमेश्वर के सेवक के रूप में अतुल्यनीय योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि संस्थापक का वीजन था कि ये डिग्री प्रदान करने वाला विश्वविद्यालय बने जो कुलपति डा. आर.बी. लाल के अथक प्रयासों से 15 मार्च 2000 को डीम्ड विश्वविद्यालय का दर्जा मिलने के बाद पूरा हुआ। इसके उपरान्त 29 दिसंबर, 2016 को उ0प्र0 राज्य अधिनियम के अन्तर्गत इसे पूर्ण विश्वविद्यालय का दर्जा प्राप्त हुआ।
कुलसचिव प्रो0 राॅबिन एल. प्रसाद ने कुलपति को शाॅल पहनाकर तथा डीन प्रो0 रानू प्रसाद ने डा0 (श्रीमती) सुधा लाल को शाॅल पहनाकर सम्मानित किया। प्रति कुलपति (पीएमडी) प्रो0 रेव्ह. सर्वजीत हरबर्ट ने मसीही भजन ‘प्रभु महान, विचारूं कार्य तेरे’ व प्रार्थना की प्रस्तुति दी। डा. आशीष एजेक्जेंडर ने सभी अतिथियों का स्वागत किया। थियोलाॅजी के छात्र-छात्राओं ने भी मसीही भजन धन्यवाद तू प्रभु का कर, उठकर सुबह व शाम की प्रस्तुति दी। नार्थ ईस्ट के बच्चों ने मसीही संगीतमय भजन गाया।
इस अवसर पर प्रति कुलपति (प्रशासन) प्रो. एस.बी. लाल, निदेशक प्रशासन विनोद बी. लाल, निदेशक आईपीसी प्रो. जोनाथन ए. लाल, प्रो0 मैथ्यू प्रसाद, बिशप डी.के. साहू, संयुक्त कुलसचिव (प्रशासन) डा. सी.जे. वेसली, पीआरओ एवं मीडिया प्रभारी डॉ. रमाकांत दुबे आदि उपस्थित रहे।


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