रालसा “95 वर्षीय महिला के जीवन यापन और सुरक्षा के लिए” अधिकारी नियुक्त करे: हाई कोर्ट

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दिनेश शर्मा “अधिकारी”।

जयपुर। राजस्थान उच्च न्यायालय जयपुर पीठ के न्यायधीश पंकज भंडारी एवं न्यायधीश समीर जैन ने “कोटा की एक 95 वर्षीय वृद्धा महिला की करीब 80 बीघा जमीन को बिना पैसा दिए हड़पने” के मामले में सुनवाई करते हुए राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर सचिव को निर्देशित कर कहां की मानसिक रूप से असक्षम महिला को एक अधिकारी नियुक्त कर उसकी देखभाल,सुरक्षा और कुशलक्षेम सुनिश्चित करें, रालसा द्वारा नियुक्त अधिकारी के अलावा अन्य कोई व्यक्ति बिना न्यायिक अनुमति के ना मिले और उस संपत्ति के संबंध में कोई सव्यवहार नहीं करें, जो ईश्वर इच्छा मृत्यु तक राज्य सरकार के अधीन रहेगी, साथ ही न्यायालय ने समाज कल्याण विभाग को निर्देशित कर एक महिला की नियुक्ति कर अच्छी देखभाल सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

उल्लेखनीय है कि कोटा निवासी एक 90 वर्षीय महिला जो की कैमरे के सामने मुश्किल से देख और सुन पा रही है, ने न्यायालय को बताया की ईश्वर इच्छा पर जी रही है, उसकी देखभाल करने वाला कोई रिश्तेदार रक्त संबध में नहीं है, प्रत्येक व्यक्ति उसकी प्रॉपर्टी को झपटने के लिए तैयार है, करीब 80 बीघा जमीन वर्तमान में उसके नाम है जोकि पब्लिक की निगाहों में है। प्रत्येक व्यक्ति इस प्रॉपर्टी पर खरीद का दावा करता है, कुछ लोगों ने उस महिला से बिना किसी तरह का रकम लेनदेन खरीद और विक्रेता के बीच में नहीं हुई है, उसके बावजूद प्रेमचंद मेहरा सहित 5 लोगों ने न्यायालय में सेल डीड के माध्यम से उक्त प्रॉपर्टी को खरीदना बताया है, सेल डीड में दर्शाई 39 लाख रुपए की रकम का किसी तरह का हस्तांतरण वृद्धा महिला के खाते में नहीं है। लिहाजा राज्य सरकार उसके जीवन और संपत्ति की सुरक्षा के लिए के लिए आवश्यक कदम उठाएं।
न्यायालय के विद्वान न्यायधीशों ने मामले की विशेष परिस्थितियों को देखते हुए स्वत: संज्ञान लेते हुए प्राकृतिक न्याय के सिद्धांत को प्रतिपादित करते हुए 4 जुलाई को सुनवाई के लिए लिस्ट करते हुए महाधिवक्ता को रालसा सचिवों से सहयोग लेकर न्यायालय में इस मामले में हाजिर होने को कहा।
न्यायालय ने रालसा सचिव को निर्देशित कर कहा की उक्त मामले में कोई ट्रांजैक्शन नहीं हुआ है इसलिए विधिक सेवा प्राधिकरण के नियुक्त अधिकारी के अलावा किसी अन्य को उस महिला से मिलने की अनुमति नहीं दे और उसके समस्त खर्चे विधिक सेवा प्राधिकरण उठाएं।
हाई कोर्ट के आदेश की पालना में राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के सदस्य सचिव दिनेश गुप्ता ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव जयपुर मेट्रो प्रथम न्यायधीश श्रीमती आशका राव को नियुक्त कर जयपुर के जामडोली स्थित अपना घर आश्रम में एक दिन अंतराल पर विजिट कर प्रत्येक सप्ताह की कार्रवाई रिपोर्ट रालसा कार्यालय जयपुर में प्रस्तुत करने को कहा, साथ ही रालसा अधिकारी की अनुमति से ही उक्त वृद्धा महिला को मिलने की अनुमति दें और ना ही उनकी संपत्ति संबंधी किसी तरह के व्यवहार की अनुमति दें। उनके उचित देखभाल और जीवन की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए उक्त संपत्ति राज्य सरकार के अधीन रहेगी।


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