नौटंकी ‘ ईदगाह’ में बच्चों ने दर्शकों को मोहा

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मनीष कपूर।
स्वर्ग रंगमंडल ने आज दिनांक 23 मई 2022 को मुंशी प्रेमचंद रचित ‘ ईदगाह’ कहानी की नौटंकी प्रस्तुति स्थानीय उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र के प्रेक्षागृह में सांय 5:00 बजे मंचित की। यह प्रस्तुति बाल मित्र स्कूल धूमनगंज प्रयागराज के छात्र एवं छात्राओं की एक माह की नौटंकी कार्यशाला के अंतर्गत तैयार की गई है। ईदगाह के सुंदर दृश्य एवं बच्चों का अभिनय दर्शकों को निरंतर लुभाता रहा।

स्वर्ग रंगमंडल लोकनाट्य नौटंकी के संरक्षण एवं संवर्धन हेतु विगत दो दशकों से सार्थक प्रयास करते हुए आज लोक कलाओं के क्षेत्र में देश के अग्रणी संस्था हो गई है। स्वर्ण रंगमंडल की प्रस्तुतियां राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय महोत्सव में निरंतर होती रहती हैं, प्रदर्शन के साथ-साथ स्वर्ग मंडल लोक कथाओं पर गंभीर एवं आवश्यक शोध एवं प्रशिक्षण कार्यशाला के लिए भी जानी मानी संस्था है।

मुंशी प्रेमचंद जी की अमर कहानी ईदगाह की शुरुआत ईद के मेले में जाने की तैयारी से होती है। गांव के सभी बच्चे नए कपड़े पहन कर पैसे लेकर मेला जाने की तैयारी में है। उसी गांव में एक गरीब बच्चा हामिद है जिसके मां बाप नहीं है और वह अपनी बूढ़ी दादी अमीना के साथ रहता है, दादी बहुत उदास है की ईद का त्यौहार घर में पैसे नहीं है और हामिद मेला जाने की जिद करता है। मेला तीन कोस दूर लगता है और हामिद के पास जूते भी नहीं लेकिन फिर भी वह तीन पैसे लेकर दादी की इजाजत से मिला जाता है सारे बच्चे खिलौने और मिठाइयां खरीदते हैं और तरह-तरह के झूले झूलते हैं हामिद यह सब नहीं करता वह सीधे लोहे के सामान की दुकान के पास जाता है और अपनी बूढ़ी दादी के लिए एक चिमटा खरीद लेता है क्योंकि उसे याद है कि रोज रोटी बनाते समय चिमटा न होने की वजह से दादी के हाथ जल जाया करते हैं। सारे बच्चे उसकी हंसी उड़ाते हैं लेकिन हामिद गर्व से चिमटा लेकर अपनी दादी को देता है दादी हामिद को गले लगा कर रोने लगती हैं कितना छोटा बच्चा मेले में ना मिठाइयां खाया ना झूला झूला ले आया तो दादी के लिए एक चिमटा जिससे उसके हाथ अब ना जले। हामिद के इस कदम से सारा गांव उसकी तारीफ करता है और बच्चे उसके मुरीद हो जाते हैं।

श्री राजकुमार श्रीवास्तव ने इसको नौटंकी में रूपांतरित किया है तथा देश के ख्याति प्राप्त रंग निदेशक एवं उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार से सम्मानित श्री अतुल यदुवंशी जी ने इस को निर्देशित किया है।

रंगा रंगीली की भूमिका में प्रियांशु यादव एवं शिवानी शुक्ला ने दर्शकों को मोहित किया साथ ही साथ हामिद के रूप में आनंद सिंह ने दर्शकों की संवेदना ओं को झंकृत किया।

कीरत सिंह मेहरोत्रा, अंशिका सिंह, वर्षा कनौजिया, आयुष कुमार, प्रखर सेठ तथा विबुद्ध शेखर ने अपनी भूमिकाओं के साथ न्याय किया संगीत में दिलीप कुमार गुलशन ने हारमोनियम और ढोलक पर मोहम्मद साजिद तथा नक्कारे पर नगीना ने प्रस्तुति को आवश्यक शिल्प एवं गति प्रदान की।


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