परिषदीय शिक्षकों को कैशलेस ट्रीटमेंट व इंश्योरेंस सुविधा देने की मांग पर सरकार से जवाब तलब

सौरभ सिंह सोमवंशी

प्रयागराज

प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों को राज्यकर्मचारियों की तरह कैशलेस चिकित्सा सुविधा व इंश्योरेंस सुविधा की मांग को लेकर दाखिल याचिका पर इलाहबाद हाईकोर्ट ने सरकार से जवाब तलब किया है, यह याचिका दुर्गेश प्रताप सिंह व अन्य की ओर से दाखिल की गयी है। न्यायमूर्ति पंकज भाटिया की पीठ में अधिवक्ता अनिल सिंह बिसेन ने याचिकाकर्ताओं का पक्ष रखते हुए बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार अन्य राज्यकर्मचारियों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा, इंश्योरेंस कवर व कोविड महामारी के दौरान कार्य करने वाले कर्मचारियों को पचास लाख रूपये तक का बीमा कवर देती है लेकिन परिषदीय शिक्षकों को ऐसी कोई सुविधा प्राप्त नहीं है।याचिकाकर्ता के अधिवक्ता अनिल सिंह विषेन को सुनने के पश्चात् न्यायमूर्ति पंकज भाटिया ने प्रदेश सरकार व बेसिक शिक्षा परिषद् से जवाब तलब कर लिया है। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता अनिल सिंह विषेन का कहना था कि प्रदेश के प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत शिक्षक शिक्षण कार्य के साथ ही बीएलओ, मतदान, मतगणना, जनगणना, एमडीएम, आपदा राहत सहित दर्जनों गैर शैक्षणिक कार्य भी करते है, इसके अलावा कोविड महामारी के दौरान भी परिषदीय शिक्षक सरकार व जनपदस्तरीय अधिकारियों द्वारा दिए गए दिशा-निर्देशों के अनुरूप रेलवे स्टेशन व बस अड्डों पर प्रवासी कामगारों की स्क्रीनिंग, गाँव में आये हुए प्रवासी कामगारों की घर-घर जाकर सूचना एकत्र करने, खाद्यान्न वितरण, घर-घर जाकर छात्रों व अभिभावकों के बैंक खाते व अन्य सूचनाओं को एकत्र कर एमडीएम कन्वर्शन कास्ट बैंक खातों में भेजने के साथ ही ऑनलाइन माध्यम से छात्रों को अपनी शिक्षण सेवाएं अनवरत प्रदान कर रहे है। इसके बावजूद भी प्रदेश सरकार प्रदेश के प्राथमिक विद्यालयों में कार्य करने वाले शिक्षकों को राज्यकर्मचारी नहीं मानती और राज्यकर्मचारियों को प्राप्त कैशलेस चिकित्सा सुविधा, बीमा कवर, उपार्जित अवकाश समेत तमाम सुविधाएं शिक्षकों को प्रदान नहीं किया है! याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने कहा कि राज्य सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप शिक्षकों को कार्य करने में कोई गुरेज नहीं है लेकिन अपनी सेवाएं दे रहे शिक्षकों को राज्यकर्मचारियों की भाँति सम्पूर्ण सेवाकाल के दौरान कैशलेस चिकित्सा सुविधा व दुर्घटनावश विकलांगता या म्रत्यु होने पर बीमा कवर प्रदान किया जाए।