कचरा निस्तारण मे जमीनी स्तर पर योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन अति आवश्यक

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दिनेश शर्मा “अधिकारी”।

“ झुंझनू में “पर्यावरण संरक्षण “ पर कार्यशाला “
झुंझनू।जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, झुंझुनूं द्वारा “ पर्यावरण संरक्षण “ के संबंध में माह जून, 2022 में विशेष अभियान चलाया जा रहा है। विशेष अभियान में शुक्रवार 17 जून 22 को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा जिला पर्यावरण सुधार समिति, झुंझुनूं के सौजन्य से कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का विषय राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग द्वारा जारी एडवायजरी के तहत “ Provisions of Environmental Laws and Harmful Impacts of pollution and Environmental Degradation “ रखा गया। कार्यशाला का शुभारम्भ सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्रीमती दीक्षा सूद द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर न्यायाधीश श्रीमती सूद ने बताया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा माह जून, 2022 के जारी एक्शन प्लान के अनुसार पर्यावरण संरक्षण विषय पर चलाये जा रहे विशेष अभियान के क्रम में विभिन्न ऑनलाईन तथा ऑफलाईन कार्यक्रम जिला स्तर तथा तालुका स्तर पर आयोजित करवा रहा है। इसी पर्यावरण संरक्षण के क्रम में कार्यालय में सिंगल यूज प्लास्टिक पर पूर्ण रूप से रोक लगाना भी शामिल किया है ।

कार्यक्रम का संचालन करते हुए न्यायाधीश राजेश अग्रवाल, जिला पर्यावरण सुधार समिति द्वारा एन.जी.ओ के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण हेतु किए जा रहे कार्यो के बारे में बताया गया तथा पर्यावरण संरक्षण की वर्तमान में आवश्यकता के बारे में सभी को जागरूक किया। कार्यशाला को संबोधित करते हुए श्रीमती सूद ने कहा कि विधिक सेवा प्राधिकरण ‘‘कम करना-पुनःउपयोग-पुनर्चक्रण’’ की अवधारणा पर कार्य कर रहा है ताकि पर्यावरण संरक्षण में यदि कोई भी सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है तो उसे अपनाया जावे। कार्यशाला के दौरान राजस्थान प्रदूषण नियंत्रक बोर्ड के अध्यक्ष दीपक ने बताया कि प्रदूषण नियंत्रण वर्तमान में काफी बड़ी समस्या बनता जा रहा है, वर्तमान में आमजन जितने जागरूक है उतने ही लापरवाह होते जा रहे है। वर्तमान में राज्य सरकार द्वारा प्रदूषण नियंत्रण, सूखा-गीला कचरा निस्तारण, जैविक कचरा निस्तारण के लिए विभिन्न योजनाएं चला रही है परन्तु जनसंख्या वृद्धि के कारण कचरे के निस्तारण के प्रयास उतने कारगर नहीं हो पा रहे है , जमीनी स्तर पर योजनाओं का क्रियान्वयन आवश्यक है। इस अवसर अतिरिक्त जिला वन अधिकारी गुलझारी ने बताया कि वृक्षारोपण वर्तमान में पर्यावरण संरक्षण व प्रदूषण नियंत्रण में सबसे महत्वपूर्ण पक्ष है। यह आवश्यक है कि हम वृक्षारोपण का महत्व समझे अन्यथा आने वाले दशक में कोविड-19 जैसी महामारियों को रोकना अधिक मुश्किल हो जावेगा। स्वच्छ आचरण के साथ ही स्वच्छ वातावरण भी एक स्वस्थ मनुष्य के लिए अत्यधिक आवश्यक है। इस दौरान सुश्री प्रेरणा जाखड़, असिस्टेंट साईट इंजीनियर, रिको ने बताया कि रिको का कचरा निस्तारण का एक अलग तंत्र विकसित कर हुआ है, जिससे औद्योगिक कचरा, घरेलू गीला-सूखा कचरा आदि के निस्तारण किया जाता है और इस संबंध में रिको द्वारा कई जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे है। इस संबंध में नगरपरिषद के रणजीत ने बताया कि नगरपरिषद व नगरपालिका मुख्यतः घरेलू कचरे के निस्तारण केन्द्रित है। यह आवश्यक है कि हम सभी अपने पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझे और इसके संरक्षण व संवर्धन में सहयोग करें। इस अवसर पर जिला सूचना एवं सम्पर्क अधिकारी हिमांशु द्वारा भी जानकारी प्रदान की गयी। इस अवसर पर आयुक्त, नगरपालिका समस्त झुंझुनूं, जिला श्रम कल्याण अधिकारी, जिला उद्योग केन्द्र अधिकारी, एन.जी.ओ पर्यावरण सुधार समिति से करणीदान सैन, जिला कॉर्डिनेटर, वीरमता, काउंसलर स्वाधार गृह, श्रीमती सुमन देवी व जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के स्टाफ उपस्थित रहे।


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