डिप्टी सीएम साहब स्वरूपरानी अस्पताल पर भी ध्यान दीजिए


सौरभ सिंह सोमवंशी
प्रयागराज

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प्रयागराज जनपद ने उत्तर प्रदेश सरकार को तीन कैबिनेट मंत्री दिए हैं यहां तक कि इन्हीं कैबिनेट मंत्रियों से एक उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्या भी शामिल है परंतु शायद प्रयागराज का दुर्भाग्य ही है कि यहां पर स्थापित स्वरूपरानी नेहरू अस्पताल में आज तक अव्यवस्थाएं बनी हुई है उसी का परिणाम हुआ है कि एक व्यक्ति जिसका यदि समय से ऑपरेशन हो जाता तो उसकी जान बचाई जा सकती थी। परंतु डॉक्टरों की लापरवाही के चलते और समय से ऑपरेशन ना के करने के चलते उसकी मौत हो गई। चित्रकूट के कर्वी के छीबों गांव के रहने वाले राजेश और उनकी पत्नी बिट्टी का एक रोड एक्सीडेंट हो गया था। जिसके चलते उनको स्वरूपरानी नेहरू अस्पताल में भर्ती कराया गया था राजेश का ऑपरेशन बुधवार की शाम 10:00 बजे होने वाला था परंतु डॉक्टर ऑपरेशन ना कर कहीं चले गए जिसका परिणाम हुआ कि सुबह 4:00 बजे राजेश की मृत्यु हो गई राजेश के पत्नी की मृत्यु मंगलवार को ही एक्सीडेंट के दौरान तत्काल हो गई थी। राजेश के साले ने बताया कि स्वरूप रानी नेहरू अस्पताल में अव्यवस्थाओं का आलम इस तरह से है कि ऑक्सीजन का एक सिलेंडर लगाने के लिए ₹500 नगद देने पड़ते हैं। मेडिकल स्टोर से दवा मंगाने पर डॉक्टर एक निश्चित मेडिकल स्टोर से ही दवा लाने का दबाव भी डालते हैं, ताकि उनको कमीशन मिल सके, इसके अलावा भारत सरकार के द्वारा जारी आयुष्मान कार्ड का भी स्वरूपरानी नेहरू अस्पताल में कोई मतलब नहीं है। हर एक चीज के लिए नगद पैसा देना पड़ता है राजेश की मृत्यु के बाद पोस्टमार्टम हाउस में भी उनके परिजनों से ₹2000 लिए गए इस तरह की अव्यवस्थाओं के चलते स्वरूपरानी में आने वाले तमाम जनपदों और अन्य प्रदेशों के लोगों को आए दिन सुविधाओं का सामना करना पड़ रहा है अभी मंगलवार को ही प्रयागराज के जिला अधिकारी भानु चंद्र गोस्वामी ने स्वरूपरानी नेहरू अस्पताल का निरीक्षण किया था और उसी दिन शाम को स्वरूपरानी नेहरू अस्पताल में एक मरीज समय से स्ट्रेचर मिलने के चलते मृत्यु को प्राप्त हो गया। इसके अलावा प्रयागराज के ही तेज बहादुर सप्रू चिकित्सालय में मंगलवार की सुबह कुछ मरीजों ने भोजन में अव्यवस्था के चलते शोर-शराबा किया था कुल मिलाकर प्रयागराज प्रशासन प्रयागराज के लोगों को और यहां पर आने वाले अन्य जनपदों के लोगों को समुचित चिकित्सा व्यवस्था और अन्य सुविधाएं नहीं मुहैया करा पा रहा है भले ही प्रयागराज ने उत्तर प्रदेश सरकार को तीन-तीन कैबिनेट मंत्री दिए हो उपरोक्त घटनाएं उत्तर प्रदेश सरकार और यहां के जनप्रतिनिधियों के साथ साथ जिला अधिकारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी और स्वरूप रानी नेहरु अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक की कार्यप्रणाली पर बड़ा प्रश्न चिन्ह खड़ा करती हैं।